Friday, 4 December 2020

Mahatma I bow to you - नमस्तस्मै महात्मने

 

ग्रामेऽस्ति भारतस्यात्मा

बहुत्वं च मनुष्यता 

सर्वथा घोषितं येन

नमस्तस्मै महात्मने ||


मातृभाषा समायुक्ता

वृत्तिज्ञान क्रियान्विता |

शिक्षोक्ता कृषिसंभूता

नमस्तस्मै महात्मने ||


 सेवाशान्ति र्श्रमस्थैर्यं    

त्यागसत्यतपोरत:  |   

तारतम्य निहन्ता स

नमस्तस्मै महात्मने ||

 

गान्धी मोहनदासेति

संजात: पोरबन्दरे |

न्यायवादी स्थितप्रज्ञ: 

नमस्तस्मै महात्मने ||


एकता वस्त्रसारल्यं

स्वाधिकार: सहिष्णुता

मार्गेषु च गतं येन

नमस्तस्मै महात्मने ||

 

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